चमत्कारी राज मोहिनी जड़ी (Raj Mohini Jadi)

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मोहिनी जड़ी एक ऐसा नाम है जिसे सुनते ही शरीर में एक रोमांच पैदा हो जाता है। राज मोहिनी जड़ी वशीकरण मंत्र, कई जड़ी-बुटियों में भी वशीकरण, सम्मोहन और तंत्र-मंत्र का जबरदस्त प्रभाव छिपा होता है। उनमें कुछ हमें हमारे आसपास आसनी से मिल जाती हैं, जबकि कुछ बहुत ही दुर्लभ होती हैं। इन्हीं में से एक दुर्लभ पौध है राज मोहिनी।

इस पौधे की जड़ का उपयोग तंत्र-मंत्र और वशीकरण के लिए बहुत ही प्राचीनकाल से होता आया है। यह एक विशेष किस्म का पौधा है। इसक पत्तीयां मोटी और चिकनी मिश्रित हरे-पीले रंग की होती हैं। इसे बगीचे में उगाया नहीं जा सकता।

यह नाचने वाला पौधा भी कहलाता है, जो पानी के संपर्क में आते ही स्वतः हिलने-डुलने लगता है। इसकी जड़ में ही मोहिनी शक्ति होती है। वास्तु शास्त्र की तरह चीन की चर्चित फेंग शुई में भी इस पौधे का जिक्र क्रोसुला नाम से किया गया है। इसके अनुसार भी घर में रख देने मात्र से पैसा अपनी ओर खींचता है। इसकी पत्तियां अन्य पौधों के पत्ते की तरह आसानी से टूटती नहीं हैं।

यह दुर्लभ पौधों में से एक है, जिसकी पहचान जड़ी-बुटियों का जानकार ही कर सकता है। अनुभवी व्यक्ति ढूंढकर इसकी जड़ी को जमीन से निकाल पाता है। तंत्रिक के अनुसार इसे विशेष रात्री के समय में एक विशेष मंत्र जाप के साथ निकाला जाता है।

इससे राज मोहिनी जड़ी की विशिष्टता और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है और इसके इस्तेमाल के लिए तांत्रिक की सलाह के आनुसार ही किया जाना जरूरी है। संबंध में कुछ तथ्य और मान्यताएं इस प्रकार हैंः-

  • वैसे तो इसके पास से गुजरने वाला हर व्यक्ति उससे आकर्षित हो जाता है, लेकिन इसका सक्रिय प्रभाव व्यक्ति के सामने जड़ी को पानी में डालने पर ही दिखता है। इसके पानी में डालते ही यदि वह तेजी से घुमने लगे तो समझें वह व्यक्ति आपके वश में आ चुका है। उससे अपनी मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं। यानी आप जो कहेंगे उसका वह पालन करेगा। इस प्रभाव का सकारात्मक इस्तेमल करना चाहिए।
  •  इसे पानी में डालकर बाहर निकालते ही सीधी दिशा में घूमती है। यह कभी भी उल्टी दिशा में नहीं घूमती। दो जड़ी को पानी में डालने पर वे आपस में लिपट जाती हैं।
  • इस जड़ी को धारण करने के कुछ नियम बताए गए हैं। जैसे इसे पहनने की बात गुप्त रखें। भगवान विष्णु की आराधना करें। गलत और छल-कपट जैसे कार्य नहीं करें। अनैतिक यौन संबंध के लिए पर स्त्री गमन नहीं करें।
  • इस रहस्यमी जड़ी से किसी भी तरह का वशीकरण संभव है। इसे हासिल करने का अर्थ भगवान विष्णु की कृपा का होना होता है। कारण इसे विष्णु के स्वरूप माना गया है।
  • मान्यता है कि यदि इसे कोई चखकर जिस किसी व्यक्ति को मुस्कुराते हुए देख ले, और वह भी उसकी मुस्कुराहट का जवाब मुस्कुराहट से दे तब उसपर सम्मोहित हो जाता है। उसकी समस्त भावनाएं और सोच का वशीकरण हो जाता है।
  • इसका इस्तेमाल अलग-अलग कार्यों के लिए विभिन्न विधियों से किया जाता है। जिसमें मनोवांछित कार्य में सफलता या किसी के वशीकरण जैसे कार्य हो सकते हैं।
  • कारोबार में उन्नति, शादी में हो रहे विलम्ब या मनपसंद जीवन साथी की प्राप्ति में इसका तांत्रिक उपयोग किया जा सकता है। इसका उपयोग राजनीतिक प्रभाव और सामाजिक मान-मर्यादा बढ़ाने में भी होता है।
  • इसकी मदद से सामूहिक सम्मोहन भी किया जा सकता है। किसी सभा को संबोधित करते हुए कक्षाओं में स्टुडेंट की पढ़ाई के प्रति एकाग्रता बनाने आदि में राज मोहिनी जड़ का सकारात्मक प्रयेग किया जा सकता है।
  • इसके इस्तेमाल से पति-पत्नी के बीच आपसी संबंध मधुर बनते हैं और उनका जीवन सुखमय बीतता है। स्त्री या पुरुष दोनों एक दूसरे के सम्मोहन के लिए शुभ मुहूर्त में धारण कर सकते हैं।
  • प्रेमियों के लिए विवाह का योग बनाने में राज मोहनी जड़ी का अचूक असर होता है।
  • इसका अधिक इस्तेमाल तांत्रिक साधनाओं के लिए किया जाता है। जिसमें भूत-प्रेत और भटकी आत्माओं को आकर्षित करने जैसी क्रियाएं हैं। वे भूत-प्रेत की चपेट में आए व्यक्ति को इस प्रयोग से छुटकारा दिलाते हैं। तांत्रिक साधन से राज मोहिनी जड़ी के प्रभाव से अकस्मिक मृत्यु के कारण भटकती आत्मा को भी मुक्ति मिल जाती है।
  • इसका औषधीय उपयोग मनोरोग में किया जाता है, जबकि इसके धारण करने से नौकरी के लिए इंटरव्यू सफलता मिलती है।
  • इसे पीसकर सम्मोहनकारी तिलक बनाया जाता है, जिसके उपयोग से वशीकरण किया जा सकता है।
  • तांत्रिक की सलाह के अुनसार इसका उपयोग गलत धारणा से नहीं करना चाहिए। जैसे किसी का वशीकरण उसके द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को परेशन करना या दुश्मनी बढ़ाना। इसी तरह से गलत धारणा से किसी स्त्री का वशकरण करने इस जड़ी का घरेलू कलह जैसा परिणाम भी पड़ सकता है।

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